ईरान से एयरलिफ्ट कर लाए गए अपने 53 छात्रों को लेने से फिलहाल जम्मू कश्मीर का इनकार, सभी पाए गए निगेटिव

जम्मू कश्मीर ने ईरान से एयरलिफ्ट कर लाए गए अपने राज्य के 53 छात्रों को फिलहाल लेने से इनकार कर दिया है। जैसलमेर में सेना के वेलनेस सेंटर में रहने वाले इन छात्रों में से कोई भी कोरोना पॉजिटिव नहीं पाया गया। सेना इन्हें वापस भेजने की इच्छुक है। इस पर जैसलमेर के जिला कलेक्टर ने इन छात्रों को यहां से बसों में रवाना करने की तैयारी कर जम्मू कश्मीर प्रशासन को सूचित किया, लेकिन वहां से कहा गया कि फिलहाल इन्हें नहीं भेजे। लॉकडाउन समाप्त होने तक इंतजार किया जाए। 



ईरान से दूसरे बैच में विशेष विमान से वहां पढ़ रहे जम्मू कश्मीर के 53 छात्रों को लाकर सेना के वेलनेस सेंटर में आइसोलेट किया गया है। वेलनेस सेंटर में कोरोना के मरीज मिलने पर इन छात्रों की जांच कराई गई। इन सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। इस पर छात्रों ने सेना से कहा कि वे अपने घर जाना चाहते है। सेना से मिली जानकारी के आधार पर जैसलमेर के जिला कलेक्टर नमित मेहता ने बसों की व्यवस्था कर दी। साथ ही जम्मू कश्मीर प्रशासन को सूचित किया कि वे उनके राज्य के 53 छात्रों को यहां से भेजना चाहते है। वहां के प्रशासन ने त्वरित जवाब दिया कि वर्तमान हालात में इन छात्रों को कश्मीर भेजना ठीक नहीं रहेगा। ऐसे में देशभर में लॉक डाउन समाप्त होने तक उन्हें जैसलमेर में ही रखा जाए। घर जाने की तैयारी कर रहे इन छात्रों तक यह सूचना पहुंची तो वे नाराज हो गए और अपना रोष जताने लगे। बाद में प्रशासन ने कुछ लोगों को वेलनेस सेंटर भेज सैन्य अधिकारियों के साथ मिलकर समझाइश की। इसके बाद वे शांत हुए। 



उल्लेखनीय है कि तीन बैच में 484 लोगों को जैसलमेर लाया गया था। पहले बैच में आए 236 लोगों में से 15 जने कोरोना संक्रमित पाए गए। वहीं दूसरे बैच के 53 छात्र निगेटिव पाए गए। 195 के तीसरे बैच में दो जने पॉजिटिव मिले। जबकि दो बैच में जोधपुर लाए गए 552 लोगों में से अब तक 19 जने कोरोना संक्रमित पाए गए है। पॉजिटिव पाए गए सभी लोगों का जोधपुर में इलाज चल रहा है। शेष लोगों को वेलनेस सेंटर में पर्याप्त दूरी बनाए रखते हुए क्वारैंटाइन किया हुआ है।