इटली से आने वाला एक शख्स किसी दूसरी जगह से होते हुए पहले नई दिल्ली पहुंचता है फिर वह दिल्ली से जम्मू आने के लिए ट्रेन पकड़ता है। इसके बाद रेलवे स्टेशन से घर आने के लिए कैब का सहारा लेता है। वह यह सब अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने के लिए करता है ताकि वह 14 दिन के क्वारैंटाइन पीरियड से बच सके। लेकिन, वह पकड़ा जाता है। एक और केस है। दो भाई हैं। दोनों बांग्लादेश के एक ही मेडिकल कॉलेज में पढ़ते हैं। एक फ्लाइट से आता है। वह चेकिंग स्टॉफ को अपनी ट्रैवल हिस्ट्री बताता है और क्वारैंटाइन कर दिया जाता है। दूसरा भाई सड़क का रास्ता पकड़कर सीधे घर पहुंच जाता है और घर की बनी मिठाईयों का स्वाद ले रहा होता है। कोई समझदार पड़ोसी कंट्रोल रूम में कॉल करता है। टीम पहुंचती है और उस शख्स में कोरोनावायरस के लक्षणों की पहचान होती है। आखिर में उसे आइसोलेट कर ही दिया जाता है।
श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर शाहिद चौधरी ट्वीट के जरिए विदेश यात्रा कर वापस अपने घर लौटने वाले और ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने वाले कश्मीरियों को चेतावनी दे रहे हैं। रविवार को एक के बाद एक कई ट्वीट के जरिए शहीद ये बताना चाह रहे थे कि लोग चाहे ट्रैवल हिस्ट्री छिपा लें, लेकिन प्रशासन की सतर्कता और लोगों की समझदारी से वे बच नहीं सकते। दरअसल, इन दिनों विदेशों में पढ़ाई या नौकरी कर रहे कश्मीरी कोरोनावायरस के बढ़ते प्रभाव के कारण घर लौट रहे हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो यूं ही विदेश घूम कर आए हैं। ये लोग क्वारैंटाइन होने से बचने के लिए अपनी विदेश यात्रा की पूरी जानकारी साझा नहीं करते, क्योंकि सरकार विदेश यात्रा करने वाले हर शख्स की गहन जांच और इसके बाद थोड़े भी लक्षण मिलने वाले को क्वारैंटाइन कर रही है। ऐसे में ये कश्मीरी अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छिपाकर चुपचाप अपने घर पहुंच रहे हैं।
शाहिद अपने लगातार ट्वीट में ऐसे कई लोगों का जिक्र करते हैं। वे एक ट्वीट में लिखते हैं, "चार शख्स मारिशस, दुबई और कजाकिस्तान की यात्रा कर लौटे हैं, लेकिन वे अपनी ट्रैवल हिस्ट्री बताना नहीं चाहते। हालांकि, हमारी आईटी टीम इसका पता लगा लेती है।" तंज के लिहाज से वे आगे लिखते हैं,"हे मेरे स्वास्थ्य संगठन के गाइडलाइन्स वाले दोस्त, क्या आप मुझे प्रवचन जैसा कुछ भेज सकते हैं ताकि मैं ऐसे लोगों को समझा पाऊं?"
Four passengers just reached from Mauritius, Dubai and Kazakhstan "decline" to declare travel history. Done quickly by IT team. My "WHO Guidelines wala Friends" can u pl send a "Recorded Sermon" to help convince such people? Please? I beg. Ignore the Thick Skin and help
ट्विटर पर शाहिद इस तरह के लोगों से यही निवेदन करते पाए गए कि इस महामारी की गंभीरता को समझें। इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन को सही जानकारी दें। वे लिखते हैं, "यकीन कीजिए अगर मैं रोज इस तरह के लोगों की जानकारी साझा करूंगा तो कश्मीर में कोई सो भी नहीं पाएगा। अपने अहंकार को एकतरफ रखें, समस्या को बढ़ाने की बजाय मिलजुल कर काम करें और एकदूसरे की मदद करें। जो अभी चल रहा है वो तीसरे विश्वयुद्ध से कम नहीं है। यह खत्म हो जाए तो हम अपनी बाकी समस्याओं को आपस में निपटाते रहेंगे।"
पिछले हफ्ते हजारों की संख्या में लोग कश्मीर लौटे हैं। ज्यादातर को क्वारैंटाइन किया गया है। इनकी भी दो तरह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नजर आ रही हैं। कुछ लोग व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिख रहे हैं तो कुछ क्वारैंटाइन रूम्स को जर्जर बता रहे हैं और यह भी लिख रहे हैं कि उन्हें कई लोगों के साथ रखा जा रहा है।
श्रीनगर प्रशासन ने इस तरह की आलोचनाओं को खारिज करते हुए 65 बेहद अच्छे होटलों और सरकारी आवासों को अपने नियंत्रण में लिया है। इनमें बाहरी देशों से श्रीनगर में वापस आने वाले नागरिकों के लिए और कोरोना संक्रमित किसी मरीज के संपर्क में आने वाले लोगों को क्वारैंटाइन किया जा रहा है। सभी होटल लगभग तीन सितारा हैं। सरकारी आवासों में भी सभी सुविधाएं बेहतर हैं।
अपने एक ट्वीट में शाहिद चौधरी होटल मालिकों को धन्यवाद भी देते हैं। वे शहंशाह होटल के मालिक सुहैल बुखारी और जोस्टल होटल के मालिक इनर्शाद को शुक्रिया कहते हुए लिखते हैं, "सुहैल बुखारी ने अपनी 48 कमरों वाले आलीशन होटल की चाबियां हमें सौंपी हैं।" "इनर्शाद जी के लिए तालियां बजाइये, उन्होंने मदद के लिए पूरा होटल हमें सौंप दिया है।"
Tiger Zinda Hai -II : Friend Mr Suhail Bukhari just handed over keys of this luxurious 48 bedded Hotel for putting in any use. #CoronaVirusChallenge
गुरुवार से शनिवार तक श्रीनगर लौटने वाले कुल 1166 लोगों को इस तरह ही 20 होटलों में क्वारैंटाइन किया गया है। कश्मीर में सुरक्षा बल हमेशा आतंकी खतरों से निपटने के लिए सतर्क रहते हैं। लोगों की आवाजाही का पता लगाने के लिए यहां इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग सिस्टम हैं। यह नेटवर्क उन लोगों से निपटने के लिए भी काम आ रहा है जो इन आइसोलेशन सेंटर से भाग रहे हैं। पिछले शनिवार को ही ऐसे 3 पीएचडी स्कॉलर्स जो बिना बताए क्वारैंटाइन सेंटर से गायब हो गए थे, उन्हें पकड़ लिया गया और एग्जामिनेशन के लिए हेल्थ सेंटर में डाल दिया गया। ये तीनों अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र थे, जो 18 मार्च को ही यूएई से लौटे थे। इन्हें यूनिवर्सिटी में ही क्वारैंटाइन किया गया था, लेकिन ये भागकर कश्मीर आ गए।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से यह जानकारी जम्मू-कश्मीर प्रशासन को मिली और फिर प्रशासन ने फटाफट एक्शन लेते हुए इन तीनों को अनंतनाग और बारामुला जिले के इनके गांवों से पकड़ लिया। अनंतनाग एसएसपी संदीप चौधरी कहते हैं, "अलीगढ़ से कश्मीर में हुए इनके मूवमेंट पर पुलिस सतर्क थी। अनंतनाग के गांव में एक स्कॉलर 3 बजे पहुंचा और हमने एक घंटे के अंदर उसे पकड़ लिया। बाकी बारामुला जिले के 2 स्कॉलर भी तुरंत पकड़ लिए गए।" इसके बाद तीनों को मेडिकल एग्जामिनेशन के लिए हेल्थ सेंटर में भेज दिया गया।
रविवार को ही प्रशासन ने सर्विलांस टीम और लोगों की मदद से ऐसे 29 लोगों को ट्रेस किया था। शाहिद चौधरी ने एक ट्वीट में ऐसे लोगों की जानकारी देने वाले लोगों को धन्यवाद कहते हुए लिखा था, "कंट्रोल रूम में कॉल करने के लिए आप सभी का धन्यवाद। मेडिकल, आईटी और सर्विलांस टीम ने आज 29 लोगों को ट्रेस करने में कामयाबी हासिल की। ये लोग बैंकाक, यूके, दुबई, बांग्लादेश, कजाकिस्तान जैसे देशों से आए थे और ट्रैवल हिस्ट्री छिपाकर और रूट बदल कर मेडिकल टीम से बच निकले थे।"
Thank u everyone around for ur DMs and calls to control room. Medical, IT & Surveillance teams today were able to track 29 people coming from Bangkok, UK, Dubai, Bangladesh, Kazakhstan etc who skipped medical teams by changing routes or avoiding travel history. Love you all.
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ट्रैवल हिस्ट्री छिपाने वाले यात्रियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दे चुका है। हाल ही में श्रीनगर एयरपोर्ट पर बांग्लादेश से आए कुछ मेडिकल स्टूडेंट्स ने क्वारैंटाइन किए जाने का विरोध किया था और फर्जी आईडी दिखाकर इस प्रक्रिया से बचने की कोशिश की थी। कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर पीके पोल ने इस पर कहा था कि प्रक्रिया का उल्लंघन करने वालों को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा। जो भी शख्स नियमों का पालन नहीं करेगा, उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।